Chiranjeevi Yojana Update: चिरंजीवी बीमा योजना को आयुष्मान भारत योजना में मर्ज करने की तैयारी, जाने पूरी खबर

Chiranjeevi Yojana Update

गहलोत सरकार ने चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना की शुरुआत की थी। काफी दिनों से यह अफवाह चल रही थी की गहलोत सरकार की चिरंजीवी योजना को बन्द किया जाएगा। लेकिन राजस्थान में अब भजन लाल सरकार ने यह ऐलान किया कि चिरंजीवी योजना को बंद न करके इसे आयुष्मान भारत योजना में मर्ज किया जाएगा।

राजस्थान में भजन लाल सरकार ने अशोक गहलोत की योजनाओ को जारी रखने का आदेश दिया था। चिरंजीवी योजना के तहत 25 लाख तक का निःशुल्क इलाज दिया जाता है। अब सरकार ने चिरंजीवी योजना को केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना में मर्ज करने की तैयारी में है।

प्रदेश के लोगो को अब भी निःशुल्क चिरंजीवी बीमा योजना का लाभ मिलता रहेगा। इस योजना में केवल बदलाव किया जा सकता है लेकिन इसे बंद नही किया जा सकता। आम जनता को किसी भी प्रकार की चिंता करने की जरूरत नही है इस योजना का लाभ मिलता रहेगा।

इस योजना को आयुष्मान भारत योजना में मर्ज किया जा सकता है लेकिन इसे बन्द नही किया जाएगा। जानकारी के अनुसार चिकित्सा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव शुभ्रा सिंह के स्तर पर प्लान तैयार किया जा रहा है।

वर्तमान समय में 1 करोड़ 40 लाख लोगो को इस योजना के तहत बीमा दिया गया है। ये लोग इस योजना के तहत 25 लाख रुपए तक मुफ्त में इलाज करवा सकते है। इनमें से करीब 85 से 90 लाख परिवार खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत केंद्र की आयुष्मान भारत योजना के लिए पात्र है।

आयुष्मान भारत योजना के तहत लाभार्थियों को वर्तमान समय में पांच लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज दिया जा रहा है। अब इस योजना के तहत पांच लाख रुपए की जगह 10 लाख रुपए तक का निःशुल्क इलाज दिया जाएगा, इस पर भी प्लान तैयार किया जा रहा है।

योजना का लाभ लेने के लिए लोगो को अपना पंजीकरण करना होता है। प्रदेश में शेष बचे 50 लाख परिवारों को आयुष्मान योजना में बीमा राशि का भुगतान प्रदेश सरकार, बीमा के लाभर्थी के सलाना दी जाने वाली 850 रुपए प्रति परिवार की बीमित राशि से होगा।

विशेष परिस्थितियों में 25 लाख रुपए तक का भुगतान संभव

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने चिरंजीवी बीमा योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत प्रदेश के लोगो को 25 लाख रुपए तक का निःशुल्क इलाज दिया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक अशोक गहलोत द्वारा शुरू की गई चिरंजीवी बीमा योजना में 99.9 फिसदी केस ऐसे है जिसमें 5 लाख से अधिक रुपए का खर्च नही आता है। बस कुछ ऐसे केस होते है जिसमें 25 लाख रुपए तक का खर्च आ जाता है।

विभाग की इस स्कीम में 10 लाख रुपए बीमा राशि से निःशुल्क इलाज की व्यवस्था रहेगी। अगर इससे अधिक पैसे खर्च होते है तो उसे मुख्यमंत्री सहायता कोष से निःशुल्क इलाज किया जाएगा। 25 लाख रुपए तक के निःशुल्क इलाज की व्यवस्था में फिलहाल के लिए कोई बदलाव नही किया जाएगा।

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