सरकार द्वारा किसानो की आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से विभिन्न प्रकार की योजनाए चलाई जाती है। किसानो को रजिस्टर्ड गोदामों में रखी उनकी उपज के बदले लोन हासिल करने की सुविधा देने के लिए खाद्य एवं उपभोक्ता मामलो के मंत्री पीयूष गोयल ने एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पेश किया।
मंत्री पीयूष गोयल ने इस मोके पर यह भी कहा की इससे किसान समुदाय की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी और इससे खेती की ओर रुझान भी बढ़ेगा। पीयूष गोयल ने यह भी घोषणा की है की भांडागारण विकास एवं विनियामक प्राधिकरण जल्द ही अब गोदाम के मालिक के लिए सुरक्षा जमा राशि को मौजूदा भंडार मूल्य 1% कर देगा जो की 3% है।
खाद्य एवं उपभोक्ता मामलो के मंत्री पीयूष गोयल ने किसानो के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पेश किया जिसका नाम ई-किसान उपज निधि योजना है। इसका यही मकसद रखा है की किसानो को WDRA रजिस्टर्ड गोदामों में भंडार पर बैंक से लोन की सुविधा देना।
यह लोन इलेक्ट्रॉनिक विक्रेय भंडारण रसीद (e-NWRs) के आधार पर किसानो को उपलब्ध कराया जाएगा। जानकारी के लिए बता दे की मौजूदा समय में डब्ल्यूडीआरए के तहत 5500 से अधिक पंजीकृत गोदाम है। इसके अलावा कृषि गोदामों की संख्या लगभग 1 लाख तक होने का अनुमान है।
किसानो को मिलेगा बिना गारंटी के 7% ब्याज दर पर लोन
खाद्य एवं उपभोक्ता मामलो के मंत्री पीयूष गोयल ने कहा की किसानो को बिना गारंटी के 7% लोन की सुविधा दी जाएगी। पीयूष गोयल ने किसानो की आय को बढ़ाने के लिए भारतीय कृषि को आधुनिक बनाने पर जोर दिया है। इसके लिए प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है।
गोयल ने कहा की ई-किसान उपज निधि की पेशकश के बाद किसानो को बिना किसी गारंटी के 7% ब्याज दर पर लोन आसानी से मिल जाएगा। पीयूष गोयल ने इस बात पर जोर दिया की ‘ई-किसान उपज निधि’ और ई-एनएएम (e-NAM) के साथ किसान भाई इंटरकनेक्टिड मार्केट की प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करने में सक्षम हो पाएंगे।
इससे यह फायदा होगा की किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य या इससे अधिक दामों में अपनी फसल को बेचने में सक्षम हो पाएंगे। खाद्य एवं उपभोक्ता मामलो के मंत्री पीयूष गोयल ने यह भी कहा है की पिछले दशक में एमएसपी के जरिए सरकारी खरीद 2.5 गुना बढ़ी।




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