आंगनबाड़ी में नौकरी करने की इच्छा रखने वाली महिलाओ के लिए बड़ी अच्छी खबर है। अब अविवाहित महिलाए भी आंगनबाड़ी सहायिका बनकर नौकरी कर सकती है। राजस्थान की भजन लाल सरकार ने यह एक बड़ा फैसला लिया है।
दरअसल, राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने इस नियम को मंजूरी प्रदान कर दी है। भजन लाल सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है, इस फैसले के अनुसार अब वे महिलाए जो की शादीशुदा नहीं है और आंगनबाड़ी सहायिका बनना चाहती है उन्हें भी मौका दिया जाएगा।
राजस्थान की डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने आंगनबाड़ी के नियमो में संशोधन किए है। जिससे की अविवाहित महिलाओ को राहत मिली है। राजस्थान सरकार ने महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
अब वे महिलाए भी आंगनबाड़ी सहायिका और कार्यकर्ता के लिए पात्र होंगी जो की अविवाहित है यानी की अब सभी महिलाए पात्र मानी जाएगी। सत्ता में नई सरकार के आने के बाद राजस्थान में यह एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है।
मानदेय में भी 10% की बढ़ोतरी
आंगनबाड़ी मानदेय कर्मियों के मानदेय में भी 10% बढ़ोतरी करने का फैसला राजस्थान सरकार ने लिया है। महिला एवं बाल विकास सचिव श्रीकृष्ण कुणाल ने बताया की डिप्टी सीएम दिया कुमारी द्वारा आंगनबाड़ी मानदेय कर्मियों की चयन शर्तो में संशोधन किया और इसकी मंजूरी दी है। स्वीकृति देकर अविवाहित महिलाओ को भी इस क्षेत्र में अवसर देने की पहल की गई है।
अप्रेल से मिलेगा बढ़ा हुआ मानदेय
वे महिलाए जो की इस क्षेत्र में 2 वर्ष से काम कर रही है और उन्हें काम का अनुभव है, उन्हें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के आवेदन करने के लिए अनुभव के आधार पर वरीयता भी दी जाएगी, जिसकी स्वीकृति दे दी गई है।
अनुभव प्राप्त महिलाओ को अनुभव के आधार पर 4 अंक बोनस के तोर पर दिए जाएंगे। जिससे की उनके चयन में सहायक होंगे। इसके साथ ही मानदेय में 10% वृद्धि करने की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। अप्रैल माह से आंगनबाड़ी सहायिका को बढ़ा हुआ 10 प्रतिशत मानदेय मिलना शुरू होगा।




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